|
|
|
केंद्र सरकार ने कहा, पहले ही ब्लॉक की
गई हैं 157 यूआरएल
नई दिल्ली(एसएनबी)। अमेरिकी फिल्म
निर्माता द्वारा इस्लाम विरोधी फिल्म
इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स को गूगल इंडिया की यू टय़ूब की साइट से
हटाने की मांग वाली
एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इस मामले में वकीलों के एक समूह ने याचिका दायर कर अदालत से मांग की है कि
केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए कि ‘गूगल इंडिया’
अपनी वीडियो शेयरिंग साइट ‘यूट्यूब’ से विवादित और इस्लाम विरोधी फिल्म ‘दि इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’
के क्लिप हटाए। इस मामले में केंद्र सरकार की
तरफ से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव मेहरा ने पीठ को बताया कि सरकार पहले
ही 157 यूआरएल
ब्लॉक कर चुकी है। यदि याचिकाकर्ता इसके अलावा अन्य जानकारी देते हैं तो उस पर सरकार
कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि भारत में विभिन्न अदालतों ने ऐसे ही मुद्दों पर
आदेश पारित किए हैं और सरकार ने
वेबसाइटों के खिलाफ कार्रवाई भी की है । मुख्य न्यायाधीश डी
मुरुगेसन व न्यायमूर्ति
राजीव शकधर की खंडपीठ के समक्ष वकीलों के समूह की तरफ से सीनियर एडवोकेट कीर्ति उप्पल व सरफराज
खान की तरफ से कहा गया कि यू टय़ूब पर
डाली गयी 13 मिनट की क्लिप इस्लाम धर्म की भावना के खिलाफ है क्योंकि इसमें
पैगंबर मोहम्मद साहब की जीवनी के नाम पर उनके खिलाफ विभिन्न भ्रांति पूर्ण
व अपमानजनक बातें कही गयी हैं। कहा गया कि फिल्म में जानबूझ कर उनकी छवि
को खराब करने की कोशिश की गयी है। पीठ को बताया गया कि इस धार्मिक भावना
को आहत करने वाली फिल्म के चलते जम्मू व कश्मीर,उत्तर प्रदेश,वेस्ट
बंगाल, बिहार, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र,दिल्ली आदि जगहों पर लोगों
ने विरोध प्रदर्शन भी किया है। जिरह में कहा गया कि ब्राजील,अज्रेटीना व रूस में इस फिल्म पर
पांबदी लगा दी गयी है और साइट से
वीडियो क्लिप भी हटा दी गयी है।
|
Rashtirya Sahara National Edition 4-10-2012 Islamic Duniya
,Pej -07
No comments:
Post a Comment