Monday, December 27, 2010
आसिया की रिहाई को ईसाइयों का अभियान तेज
लाहौर (एजेंसी)। पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून में संशोधन नहीं करने की धार्मिक पार्टियों और समूहों के दबाव के बीच ईसाई समूहों ने उस ईसाई महिला की रिहाई के लिए सभी संभव कदम उठाने की प्रतिबद्धता जतायी है जिसे पैगम्बर मोहम्मद का पअमान करने के लिए मौत सजा सुनायी गई है। पांच बच्चों की मां 45 वर्षीय आसिया बीबी को ईशनिंदा का दोषी करार देते हुए मौत की सजा के मद्देजनर इस विवादास्पद कानून को रद्द करने अथवा इसमें संशोधन करने को लेकर बहस शुरू हो गई है, लेकिन कट्टरपंथी समूहों ने कट्टरपंथी धार्मिक पार्टियों और समूहों ने चेतावनी दी है कि यदि विवादास्पद ईशनिंदा कानून में संशोधन किया गया अथवा ईसाई महिला आसिया बीबी की मौत की सजा को बदलने की कोशिश की गई तो पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पंजाब प्रांत की निची अदालत में आसिया बीबी को सजा सुनाए जाने के बाद पहली बार अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय का नेतृत्व करने वाले समूहों ने शनिवार को यहां विरोध प्रदर्शन आयोजित करते हुए सरकार से ईशनिंदा के लिए मौत की सजा को वापस लेने की मांग की है। क्रि समस के दिन आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में ईसाई और अधिकार कार्यकर्ता शामिल हुए। पाकिस्तान ईसाई लोकतांत्रिक गठबंधन (पीसीडीए) के बैनर तले 10 संगठन शामिल हुए। इसमें शामिल प्रदर्शनकारियों के हाथों में ईशनिंदा कानून की धारा 295 बी को रद्द करने की मांग वाले बैनर थे।
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