यूरोप के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश फ्रांस की पुलिस को सोमवार से बुर्का पहनकर चलने वाली महिलाओं की तलाशी का अधिकार मिल जाएगा। तलाशी से मना करने पर उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। नए कानून के मुताबिक, कोई भी महिला सार्वजनिक स्थान पर अपना चेहरा नहीं छुपा सकती है। हालांकि कई अन्य देश भी बुर्के पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। मगर इस कानून के लागू होने के बाद पूरे यूरोप में सिर्फ फ्रांस की पुलिस को ही सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनने वाली महिलाओं को चेहरा दिखाने के लिए कहने का अधिकार होगा। कानून का उल्लंघन करने वाली महिला को 216 डॉलर (लगभग साढ़े नौ हजार रुपये) का जुर्माना देना होगा। महिलाओं को उनके परिवार या धार्मिक संगठन द्वारा बुर्का पहनने पर मजबूर किए जाने वालों के खिलाफ 43,200 डॉलर (लगभग 19 लाख रुपये) जुर्माना और एक साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। हालांकि इस कानून को लेकर राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी की काफी आलोचनाएं भी हुई हैं। कई मुस्लिम संस्थाओं और मानवाधिकार संगठनों ने सरकोजी पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति वोट बैंक के लिए ऐसा कर रहे हैं। सरकोजी ने कहा था कि फ्रांस में बुर्के का स्वागत नहीं किया जाएगा क्योंकि इसमें धर्म पालन नहीं बल्कि दासता झलकती है। हालांकि फ्रांस की मुख्य मुस्लिम प्रतिनिधि संस्था (सीएफ सीएम) इस कानून के पूरी तरह खिलाफ नहीं है|
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