Saturday, February 26, 2011

वस्तानवी के बाद मौलाना अजमल पर निशाना


 दारुल उलूम के मोहतमिम गुलाम मोहम्मद वस्तानवी के इस्तीफे की आग ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब इस्तीफा एपीसोड की इस फेहरिस्त में इस्लामी जगत की एक और नामचीन हस्ती मौलाना अजमल को शामिल कर लिया गया है। शूरा के सम्मानित सदस्य पर आरोप है कि दिल्ली में मीडिया के सामने उन्होंने मजलिसे शूरा को सियासी शूरा कहा है। इस बाबत तंजीम मुहिब्बाने दारुल उलूम की बैठक में अजमल के इस्तीफे की मांग की गई। बैठक में शूरा के सदस्य एवं असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल पर तीखे प्रहार किए गए। बैठक को मौलाना मुहम्मद नसर इलाही, सलीम उस्मानी ने कहा कि मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने 23 फरवरी को मजलिस-ए-शूरा को सियासी शूरा कहकर शूरा के सदस्यों का अपमान किया है। उन्हें पूरी कौम से माफी मांगनी चाहिए। हाजी अनस व चौधरी माजिद ने कहा कि मौलाना अजमल द्वारा मजलिस-ए-शूरा को बिना वजह निशाना बनाया जाना उचित नहीं है क्योंकि 23 फरवरी को शूरा द्वारा लिए गए फैसले का सभी ने एक स्वर में स्वागत किया है। वस्तानवी पर बरसे तोगडि़या अहमदाबाद, जासं : दारूल उलूम देवबंद के साथ देश के उदारवादी मुस्लिमों का एक धड़ा भले ही मौलाना गुलाम मौहम्मद वस्तानवी के देवबंद का कुलपति बनने का समर्थन करता हो, लेकन विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण तोगडि़या उन्हें कट्टरवादी मानसिकता का व्यक्ति बताते हुए देश से बाहर कर देना चाहते हैं। वडोदरा में शुक्रवार को तोगडि़या ने कहा कि मौलाना वस्तानवी संप्रदायवादी हैं तथा गुजरात में विकास की बात करके वह यहां के मुस्लिम समुदाय को कट्टर बनाना चाहते हैं|

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