Monday, February 28, 2011

सरकार अल्पसंख्यक संस्थानों की उपेक्षा नहीं करती


 राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के प्रमुख न्यायमूर्ति एमएसए सिद्दीकी ने शिक्षा में मुस्लिम बच्चों को आरक्षण दिए जाने की पैरवी करते हुए कहा है कि अल्पसंख्यक संस्थानों की उपेक्षा सरकार की ओर से नहीं होती, बल्कि लोग धार्मिक शिक्षण संस्थानों की आड़ में सरकारी सुविधाओं का बेजा इस्तेमाल करते हैं। पिछले दिनों जामिया मिलिया इस्लामिया को अल्पसंख्यक संस्थान की मान्यता देने संबंधी फैसला सुनाने वाले सिद्दीकी का मानना है कि देश में मुस्लिम बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। सिद्दीकी ने कहा, मेरा मानना है कि मुस्लिम बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण दिया जाना चाहिए। इससे उन्हें उन संस्थानों में पहुंचने का मौका मिलेगा, जहां वे किसी कारणवश नहीं पहुंच पाते। शिक्षा में आरक्षण मिलने से मुस्लिम युवक-युवतियां देश के विकास में अधिक भागीदारी कर सकेंगे। इस आरोप पर कि सरकार की ओर से अल्पसंख्यक संस्थानों की उपेक्षा होती है उन्होंने कहा, सरकार की ओर से अल्पसंख्यक संस्थानों की उपेक्षा नहीं की जाती, बल्कि इन समुदायों के लोग ही सरकारी सुविधाओं का बेजा इस्तेमाल करते हैं। मुझे इस बारे में शिकायतें मिली हैं कि 80 फीसदी मदरसे ऐसे हैं, जो सिर्फ कागजों पर चलते हैं, लेकिन इनके नाम पर लोग सरकार से फायदा उठाते हैं। उन्होंने कहा, सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं का दुरुपयोग करके कुछ लोग खुद को और अपने लोगों को फायदा पहुंचाते हैं, लेकिन इससे समुदाय के बच्चों का नुकसान होता है। सरकार जानती है, लेकिन इसे बर्दाश्त कर रही है। जामिया को अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान घोषित किए जाने पर उठ रही चिंताओं को सिद्दीकी ने आधारहीन करार दिया। उन्होंने कहा, यह कहना गलत है कि अल्पसंख्यक संस्थान के रूप में मान्यता मिलने से जामिया की छवि पर कोई असर पड़ेगा। यह विश्वविद्यालय वर्षो से एक पंथनिरपेक्ष संस्थान रहा है और आगे भी उसकी यही छवि बनी रहेगी। उन्होंने कहा, हमारे इस फैसले से दुनिया भर में भारत की पंथनिरपेक्ष छवि को मजबूती मिली है। इससे यह संदेश गया है कि भारत में लोकतंत्र इतना मजबूत है कि वहां अल्पसंख्यक संस्थानों को उनका पूरा हक मिल रहा है। मालूम हो कि जामिया को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा मिल जाने के बाद अब वहां 50 फीसदी सीटें अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी|

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