पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में मुस्लिमों की स्थिति को लेकर आए आंकड़े, 34 साल से सत्ता में बनी हुई वामपंथी सरकार के लिए खतरे की घंटी हैं। इनमें राज्य में मुस्लिमों की स्थिति गुजरात से बदतर बताई गई है। हालांकि अल्पसंख्यकों की हालत को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से निशाने पर रहे हैं। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड इकोनॉमिक रिसर्च के प्रमुख अर्थशास्त्री अबु सलेह शेरिफ के विश्लेषण में मुस्लिम समुदाय को लेकर पश्चिम बंगाल की यह चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक समुदाय को सरकारी योजनाओं को फायदा बहुत कम मिलता है। उनके मुताबिक, राज्य के 25 फीसदी मुसलमानों में से केवल 2.1 फीसदी के पास सरकारी नौकरी है। देश में मुस्लिमों को लेकर यह सबसे कमजोर आंकड़ा है। जबकि गुजरात में 9.1 फीसदी मुसलमानों से 5.4 सरकारी कर्मचारी हैं। शेरिफ इंडिया इस्लामिक कल्चरल कल्चर सेंटर में इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज द्वारा आयोजित रिलेटिव डेवलपमेंट ऑफ वेस्ट बंगाल एंड सोशियोरिलीजियस डिफरेंशियल विषय पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में 50 फीसदी मुस्लिम बच्चों को प्राथमिक स्तर की शिक्षा भी नहीं मिली। केवल 12 फीसदी मुसलमानों ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। यह आंकड़े धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा का दम भरने वाले वामपंथ के गढ़ के लिए चिंता का सबब है। वैसे इस सरकार के लिए खतरे की घंटी पिछले साल ही बज चुकी थी, जब वाम मोर्चे का स्थानीय निकाय चुनावों में काफी खराब प्रदर्शन रहा था। माना जा रहा था मुस्लिम समुदाय से पार्टी के मोहभंग के कारण ऐसा हुआ है। आगामी विधानसभा चुनावों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सुधार करते हुए मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाकर 56 कर दी है। जो 2006 के चुनाव में मात्र 42 थी। शेरिफ सच्चर समिति के भी सदस्य सचिव हैं। उनके विश्लेषण में बंगाल में मुसलमानों की स्थिति, मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य गुजरात से भी बदतर बताई है। शेरिफ के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुसलमानों के पास माकपा को वोट देने की यदि कोई वजह है, तो वो है भूमि सुधार। हालांकि भूमि सुधार के कार्यक्रमों से भी मुस्लिम समुदाय के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले यह सचाई जनता को पता लगनी चाहिए|
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