Wednesday, January 19, 2011

पाकिस्तान में ईसाइयों पर फिर टूटा ईशनिंदा कानून का कहर

ईशनिंदा के आरोप में जेल में बंद ईसाई महिला, आसिया बीबी के मुखर समर्थक गवर्नर सलमान तासीर की हत्या की खबर ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि ईशनिंदा के और मामले से खलबची मच गई है। यहां पर दो ईसाई महिलाओं को भीड़ ने सार्वजनिक रूप से पीटा और अपमानित किया। प्रताडि़त महिलाओं का परिवार हत्या के डर से छिप गया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी लाहौर में इस विवाद की शुरुआत मंगलवार को एक मुस्लिम महिला और उसकी ईसाई रिश्तेदार के बीच मामूली बात को लेकर हुई थी। उस समय मामला शांत हो गया था। बुधवार को जब पति काम पर चला गया, तो मुस्लिम महिला ने सड़क पर जा कर चिल्लाना शुरू कर दिया कि उसकी ईसाई रिश्तेदार ने पैगंबर मुहम्मद की निंदा की। ईसाई महिला के भाई ने बताया कि इसके तुरंत बाद मुहम्मद समीर के नेतृत्व में लोगों का एक समूह उसकी बहन के घर जा पहुंचा और उसे पीटने लगा। उसने बताया, पड़ोस के अन्य पुरुष और महिलाएं भी घर के पास जमा हो गए और मेरी बहन और मां को पीटने लगे। घर में बस वही लोग थे। समीर के दामाद खादिम हजूर ने कहा कि ईसाई महिलाओं के चेहरे काले कर दिए गए और उन्हें जूतों का हार पहनाया गया। दोनों को गधे पर बैठा कर इलाके में घुमाया गया। दोनों ईसाई महिलाएं लोगों के सामने गिड़गिड़ाती रही कि उन्होंने कोई ईशनिंदा नहीं की। इसके बावजूद भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी और उनसे ईशनिंदा के लिए माफी मांगने पर जोर देती रही। समीर को अपनी पत्‍‌नी द्वारा इन महिलाओं की बेरहमी से पिटाई करने पर फक्रहै। उसने कहा, मेरी पत्‍‌नी ने उन्हें इतना पीटा कि उसका हाथ सूज गया है। घटना के तुरंत बाद ईसाई महिला के परिवार ने इलाका छोड़ दिया।

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