Friday, January 7, 2011

भारत आने को छटपटा रहे पाक में रह रहे हिंदू

 बलूचिस्तान प्रांत में अपहरण और फिरौती की वारदातों से परेशान सौ से ज्यादा हिंदू परिवार भारत पलायन करना चाहते हैं। स्थानीय समाचार एक्सप्रेस ट्रिब्यून में प्रकाशित खबर के मुताबिक पश्चिमी बलूचिस्तान के हिंदू इन वारदातों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तानी गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 291 हिंदुओं का अपहरण हुआ। पांच हिंदू परिवार पहले ही यहां के मस्तंग जिले से पलायन कर भारत जा चुके है। छह अन्य परिवार भी शरण की बाट जोह रहे हैं। 33 वर्षीय विजय कुमार ने दावा किया कि यहां के सौ हिंदू परिवार अपहरण और जबरन वसूली से तंग आकर भारत जाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारे रिश्तेदार भारत में हैं, इसलिए हम वहां जाना चाहते हैं। मस्तांग जिले के क्वेटा में किराने की दुकान चलाने वाले 31 वर्षीय सुरेश कुमार भी भारत जाने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, ज्यादातर हिंदू भारत या पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में पलायन करने की कोशिश में हैं क्योंकि प्रांत की कानून व्यवस्था बदतर हो चुकी है। अखबार के मुताबिक कुमार तो एक बानगी हैं। उनके जैसे सैकड़ों हिंदू अपहरण की बढ़ती वारदातों से खौफजदा हैं। ऐसे हालात में पाक छोड़ना वहां रहे रहे हिंदुओं की पहली प्राथमिकता बन गई है। पिछले साल सिर्फ क्वेटा में ही आठ में से चार हिंदुओं का अपहरण हुआ था। सबसे बुरे हालात नसीराबाद जिले में थे जहां पिछले साल 28 लोगों का अपहरण हुआ। इनमें आधे हिंदू थे। बलूचिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बसंत लाल गुलशन ने कहा कि ताजा मामले चौंकाने वाले हैं। हालांकि उन्होंने इस बात का खंडन किया कि अपहरण सिर्फ हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर किया जा रहा है। पिछले तीन साल में 41 हिंदुओं का अपहरण किया गया, जबकि चार अन्य को मार दिया गया। हाल ही में आध्यात्मिक गुरु लक्ष्मी चंद गुरुजी के अपहरण से हिंदुओं में रोष व्याप्त है। गुरुजी का उनके चार अनुयायियों के साथ पिछले महीने अपहरण किया गया था। हालांकि बाद में तीन को रिहा कर दिया गया, लेकिन गुरुजी को बंधकों ने नहीं छोड़ा।

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