इस्लामाबाद, एजेंसियां : अमेरिका में बनी इस्लाम
विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स को लेकर लोगों का गुस्सा
ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान के रेल मंत्री
गुलाम अहमद बिलौर ने एलान किया है कि जो कोई भी विवादित फिल्म के निर्माता
की हत्या करेगा, उसे
100,000 अमेरिकी
डॉलर (करीब 53 लाख
36 हजार रुपये)
का इनाम दिया जाएगा। इस बीच, फिल्म के विरोध की आग
अब बांग्लादेश पहुंच गई। शनिवार को आयोजित देशव्यापी बंद के
दौरान लोगों ने ढाका समेत कई शहरों में उग्र प्रदर्शन किए।
इसमें 30 लोग
घायल हो गए। उधर, पाकिस्तान
में लगातार दो दिनों की हिंसा के बाद शनिवार को अपेक्षाकृत शांति
रही। हालांकि इस्लामाबाद और लाहौर में कुछ जगहों पर प्रदर्शन हुए। पुलिस
ने इस सिलसिले में 400 लोगों
को गिरफ्तार किया है। दो दिनों में अरबों की संपत्ति के
नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें से अकेले
दूरसंचार कंपनियों को 45 करोड़
रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। रेल मंत्री बिलौर ने
मामले को गरमाए रखने की कोशिश की है। विवादित फिल्म के निर्माता
के सिर पर इनाम की घोषणा करते हुए पाकिस्तानी मंत्री का कहना था कि
इस्लाम का अपमान करने वालों के मन में खौफ पैदा करने का इससे उम्दा कोई अन्य
रास्ता नहीं है। यह काम फिल्म निर्माता की हत्या से ही होगा। उन्होंने फिल्म
निर्माता की हत्या के लिए तालिबान और अलकायदा से भी मदद मांगी। बिलौर
के अनुसार, आतंकवादी
भी अगर निर्माता की हत्या करते हैं तो उन्हें भी इनाम
दिया जाएगा। रेल मंत्री ने यह घोषणा पेशावर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन
में की। इस बीच पाकिस्तान में शुक्रवार की हिंसा में मरने वालों की तादाद
23 तक
पहुंच गई है। फिल्म के विरोध में बांग्लादेश भी शनिवार को उबल पड़ा।
यहां 12 दलों
के इस्लामी गठबंधन ने देशव्यापी बंद किया था। ढाका में अमेरिकी
दूतावास की ओर बढ़ रही उग्र भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने
छूट गए। पथराव करती भीड़ को पुलिस ने लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले दाग
कर नियंत्रित किया। प्रेस क्लब के सामने पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक
भिड़ंत भी हुई। जिसमें 30 से
अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। लीबिया
में प्रदर्शनकारियों ने मिलिशिया को खदेड़ा, 10 मरे बेनगाजी:
लीबिया में प्रदर्शनकारियों ने जिहादी मिलिशिया को उनके मुख्यालय से
खदेड़ दिया है। शनिवार को इस सिलसिले में हुए हिंसक संघर्ष में 10 लोगों की
मौत हो गई। उन्होंने
अर्द्धसैनिक बल के एक केंद्र को भी अपने कब्जे में
ले लिया। जिस अंसार अल-शरिया के मुख्यालय पर कब्जा किया गया है, उस
पर पिछले
सप्ताह अमेरिकी राजदूत क्रिस स्टीवेंस और तीन अन्य अमेरिकियों की हत्या
का आरोप है। हालांकि इस संगठन ने इससे इन्कार किया है। शुक्रवार
को हजारों प्रदर्शनकारियों ने मिलिशिया की शक्ति के खिलाफ प्रदर्शन
किया था। उसके बाद उसके मुख्यालय पर कब्जा किया गया है। प्रदर्शनकारियों
ने अर्द्धसैनिक बल के केंद्रों पर भी हमला कर दिया। इन पर पूर्व
विद्रोहियों का नियंत्रण है।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -7,23-9-2012 bLykfed nqfu;k