Sunday, September 23, 2012

इस्लाम विरोधी फिल्म निर्माता पर 53 लाख का इनाम




इस्लामाबाद, एजेंसियां : अमेरिका में बनी इस्लाम विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स को लेकर लोगों का गुस्सा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान के रेल मंत्री गुलाम अहमद बिलौर ने एलान किया है कि जो कोई भी विवादित फिल्म के निर्माता की हत्या करेगा, उसे 100,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 53 लाख 36 हजार रुपये) का इनाम दिया जाएगा। इस बीच, फिल्म के विरोध की आग अब बांग्लादेश पहुंच गई। शनिवार को आयोजित देशव्यापी बंद के दौरान लोगों ने ढाका समेत कई शहरों में उग्र प्रदर्शन किए। इसमें 30 लोग घायल हो गए। उधर, पाकिस्तान में लगातार दो दिनों की हिंसा के बाद शनिवार को अपेक्षाकृत शांति रही। हालांकि इस्लामाबाद और लाहौर में कुछ जगहों पर प्रदर्शन हुए। पुलिस ने इस सिलसिले में 400 लोगों को गिरफ्तार किया है। दो दिनों में अरबों की संपत्ति के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें से अकेले दूरसंचार कंपनियों को 45 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। रेल मंत्री बिलौर ने मामले को गरमाए रखने की कोशिश की है। विवादित फिल्म के निर्माता के सिर पर इनाम की घोषणा करते हुए पाकिस्तानी मंत्री का कहना था कि इस्लाम का अपमान करने वालों के मन में खौफ पैदा करने का इससे उम्दा कोई अन्य रास्ता नहीं है। यह काम फिल्म निर्माता की हत्या से ही होगा। उन्होंने फिल्म निर्माता की हत्या के लिए तालिबान और अलकायदा से भी मदद मांगी। बिलौर के अनुसार, आतंकवादी भी अगर निर्माता की हत्या करते हैं तो उन्हें भी इनाम दिया जाएगा। रेल मंत्री ने यह घोषणा पेशावर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में की। इस बीच पाकिस्तान में शुक्रवार की हिंसा में मरने वालों की तादाद 23 तक पहुंच गई है। फिल्म के विरोध में बांग्लादेश भी शनिवार को उबल पड़ा। यहां 12 दलों के इस्लामी गठबंधन ने देशव्यापी बंद किया था। ढाका में अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ रही उग्र भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। पथराव करती भीड़ को पुलिस ने लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले दाग कर नियंत्रित किया। प्रेस क्लब के सामने पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक भिड़ंत भी हुई। जिसमें 30 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। लीबिया में प्रदर्शनकारियों ने मिलिशिया को खदेड़ा, 10 मरे बेनगाजी: लीबिया में प्रदर्शनकारियों ने जिहादी मिलिशिया को उनके मुख्यालय से खदेड़ दिया है। शनिवार को इस सिलसिले में हुए हिंसक संघर्ष में 10 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने अ‌र्द्धसैनिक बल के एक केंद्र को भी अपने कब्जे में ले लिया। जिस अंसार अल-शरिया के मुख्यालय पर कब्जा किया गया है, उस पर पिछले सप्ताह अमेरिकी राजदूत क्रिस स्टीवेंस और तीन अन्य अमेरिकियों की हत्या का आरोप है। हालांकि इस संगठन ने इससे इन्कार किया है। शुक्रवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने मिलिशिया की शक्ति के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उसके बाद उसके मुख्यालय पर कब्जा किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने अ‌र्द्धसैनिक बल के केंद्रों पर भी हमला कर दिया। इन पर पूर्व विद्रोहियों का नियंत्रण है।
 दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -7,23-9-2012 bLykfed nqfu;k

अमेरिकी फिल्म के विरोध में कश्मीर में हिंसक विरोध




ठ्ठजागरण ब्यूरो, श्रीनगर अमेरिकी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम के विरोध में शुक्रवार को कश्मीर में हड़ताल, बंद, और प्रशासनिक पाबंदियों के चलते सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप रहा। वादी के हर हिस्से में जुलूस निकाले गए। पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में चार पुलिसकर्मियों समेत करीब बारह लोग घायल हो गए। अफवाहों पर रोक लगाने के लिए दिनभर के लिए इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को ठप रखा गया। ईशनिंदा के विरोध में नमाज-ए-जुमा के बाद प्रदर्शनों के एलान के चलते प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित कर प्रमुख मार्गो को बंद कर दिया था। सभी प्रमुख अलगाववादी नेताओं को गुरुवार शाम को ही नजरबंद कर दिया था। महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया जब वे समर्थकों के साथ लालचौक की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रही थीं। अनंतनाग और कुलगाम में भी प्रदर्शन हुए। शोपियां, पुलवामा, बारामूला और सोपोर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के हिंसक झड़पें हुई। विवादित फिल्म के विरोध की आग अब राजस्थान तक पहुंच गई है। पैंगबर मोहम्मद पर बनी इस फिल्म को लेकर जयपुर में सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

1.        दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -5, 22 -9-2012 bLykfed nqfu;k)

Saturday, September 22, 2012

इस्लाम विरोधी फिल्म द इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स




इस्लाम विरोधी फिल्म द इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स के खिलाफ दुनियाभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच मिस्त्र में आठ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं, जिनमें से सात मिस्त्र के कॉप्टिक क्रिश्चियन हैं, जबकि एक फ्लोरिडा के पादरी हैं। जिन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं, उनमें फिल्म के निर्देशक नाकोउला बैसले नाकोउला, फ्लोरिडा के पादरी टेरी जोन्स और फिल्म की वीडियो इंटर पर डालने वाले अमेरिका में रह रहे कंजरवेटिव क्रॉप्टिक क्रिश्चियन मॉरिस सादेक सहित अन्य हैं। नाकोउला मूलत: मिस्त्र के ही कॉप्टिक क्रिश्चियन हैं, जो अमेरिका के दक्षिणी कैलीफोर्निया में रह रहे हैं। वहीं, पादरी जोन्स ने कहा है कि फिल्म के निर्देशक ने उनसे इसका प्रचार करने के लिए कहा है। ये वारंट मंगलवार को जारी किए गए थे। इनमें फिल्म को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की बात कही गई है। इस गिरफ्तारी वारंट को हालांकि लोगों का गुस्सा शांत करने की कवायद के रूप में देखा है, क्योंकि जिन लोगों के खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं, वे मिस्त्र से बाहर हैं और बदले हुए माहौल में इन मुकदमों का सामना करने के लिए उनके देश लौटने की संभावना भी न के बराबर ही है।

दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -7,20-9-2012   bLykfed nqfu;k