ठ्ठ जागरण संवाददाता, गाजियाबाद मसूरी क्षेत्र में शुक्रवार रात हुए उपद्रव में छह लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही 12 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। इनमें दो की स्थिति गंभीर है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उपद्रव की जांच मंडलायुक्त को सौंप दी है। मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख व घायलों को 50 हजार की सहायता देने की घोषणा की गई। क्षेत्र में कफ्र्यू दूसरे दिन भी जारी रहा। भारी संख्या में पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी के जवान स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मालूम हो कि मसूरी में आध्यात्मिक नगर स्टेशन के पास एक धार्मिक पुस्तक के पन्नों पर अपशब्द लिखे मिले थे। इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। इस संबंध में मसूरी थाने में मामला दर्ज किया जा रहा था कि इसी बीच भारी संख्या में एक समुदाय के लोग थाने पहंुचे। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग 24 को जाम कर थाने में तोड़फोड़ और आगजनी की। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई। गोलीबारी व पथराव में छह लोग मारे गए जबकि 12 पुलिसकर्मी घायल हुए। इसमें एसपी देहात जगदीश शर्मा और दरोगा रमेश चंद भी शामिल हैं। क्षेत्र में अब शांति है। रविवार को स्थिति देखने के बाद कफ्र्यू को वापस लिया जा सकता है। मसूरी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में शनिवार को पूरी तरह सन्नाटा फैला रहा। मारे गए युवकों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके घर पहुंचाए गए। प्रत्येक शव के साथ एक सीओ और भारी पुलिस बल लगाया गया था ताकि शव देख लोग भड़क न जाएं। शाम तक सभी शवों को दफना दिया गया। (पेज-2 भी देखें)
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