Monday, September 17, 2012

थाने की दीवारें बयां कर रहीं रात की भयावह तस्वीरें



ठ्ठअशोक ओझा, गाजियाबाद दिन के उजाले की तस्वीर रात की भयावहता को दर्शा रही है। थाने की दीवारों पर गोलियों के निशान, बैरक में लगाई आग, टूटे दरवाजे पूरी कहानी स्वयं कह रहे हैं। समुदाय विशेष के उपद्रवियों ने एनएच-24 पर जाम लगाने के बाद थाने में जबरदस्त हंगामा ही नहीं किया, बल्कि पुलिसकर्मियों, थाने में मौजूद सभ्रांत लोगों को मारने का प्रयास भी किया। बैरक में आग लगाने के बाद एक जलता हुआ गैस सिलेंडर भी बैरक में फेंक दिया गया। यह हुआ देश की राजधानी से सटे गाजियाबाद जिले में। किसी शरारती तत्व द्वारा एक धार्मिक गं्रंथ के पन्नों पर आपत्तिजनक शब्द लिखकर शुक्रवार को दोपहर में आध्यात्मिकनगर स्टेशन के पास फेंक दिया गया। इसके बाद शाम छह बजे से रात करीब 12 बजे तक एनएच-24 का पांच किमी लंबा क्षेत्र उपद्रवियों के कब्जे में रहा। इस दौरान पुलिस की बेबसी एवं निष्कि्रयता वे प्रत्यक्षदर्शी बयां कर रहे हैं जो शुक्रवार की रात भुक्तभोगी थे। इस पांच किलोमीटर के दायरे में जहां मुसाफिरों से जमकर अभद्रता हुई वहीं उनसे लूटपाट भी की गई। इतना ही नहीं कारों व बसों से उतरकर भाग रही महिलाओं एवं युवतियों से छेड़छाड़ एवं लूटपाट की बात तो पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं। हालांकि यह सबकुछ अभी तक पुलिस रिकार्ड में नहीं है। इसका कारण जिलाधिकारी अपर्णा उपाध्याय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार कहते हैं कि अभी किसी ने इस प्रकार की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई है। इसके साथ ही वाहनों के जलने से नुकसान भी बहुत हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कहते हैं कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। हालांकि वे मानते हैं कि इस दौरान 50 से अधिक वाहनों को जलाया गया एवं क्षतिग्रस्त किया गया। थाने की दीवारों पर हैं गोलियों के निशान : मसूरी थाने की दीवारों में जगह-जगह हुए छेद यह गवाही दे रहे हैं कि किसी प्रकार उपद्रवियों ने पुलिस को निशाना बनाते हुए गोलियां दागी थीं। गनीमत है कि इन गोलियों में से एक गोली ही पुलिस के दरोगा को लगी। तो जाती 30 से ज्यादा लोगों की जान : थाने की बैरक में उपद्रवियों से छुपकर पुलिस के जवानों के साथ ही मसूरी-डासना के सभ्रांत लोग भी बैठे थे। रात में उपद्रवियों ने बैरक में आ लगा दी। इतना ही नहीं गैस सिलेंडर में आग लगाकर बैरक में फेंका गया। यह देखकर सभी लोग जान बचाकर भागे। यदि सिलेंडर फट जाता तो निश्चित ही 30 से ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता। हथियारों का खूब हुआ इस्तेमाल : उपद्रवियों ने इस दौरान अवैध एवं आधुनिक हथियारों का भी जमकर प्रयोग किया। पुलिस को जिन गोलियों के खोखे मिले उनमें .32, .9, 315 बोर का तमंचा समेत अन्य हथियारों में उपयोग किए जाने वाले थे। इससे पता चलता है कि उपद्रवी पूरी तैयारी से आए थे। क्या हमलावर पेशेवर थे : जिस प्रकार थाने पर हमला किया गया, गोलियां चलाई गई और राहगिरों से लूटपाट की गई, इन घटनाओं से यह आशंका बलवती हो रही है कि हमलावर पेशेवर तो नहीं थे। हेड कांस्टेबल का रस्सी से घोंटा गया गला : उपद्रवियों के हत्थे चढ़े हेड कांस्टेबल रूप सिंह की रस्सी से गला घोटकर हत्या करने का प्रयास भी किया गया। हेड कांस्टेबल का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बताई गई है। बुखारी को वसुंधरा से भेजा गया वापस : शनिवार को जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी के मसूरी जाने के सूचना के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें यूपी गेट पर ही रोक लिया। इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच वसंुधरा स्थित आवास विकास के गेस्ट हाउस लाया गया। बुखारी ने सरकार से उपद्रव में मारे गए लोगों को पांच लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है।


No comments:

Post a Comment