अमेरिका ने इस्लाम विरोधी फिल्म के खिलाफ अभी और हिंसा होने की आशंका जताते हुए दुनिया भर में अपने दूतावासों की सुरक्षा और कड़ी कर दी है। इजरायली मूल के अमेरिकी निर्माता सैम बेसिल की फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स का चार सितंबर को अरबी में ऑनलाइन ट्रेलर जारी किया गया था। इसके बाद लीबिया में अमेरिकी राजदूत जे क्रिस्टोफर समेत चार अमेरिकियों की हत्या की दी गई थी। लीबिया और मिस्र में हिंसा के बाद से अरब देशों में लगातार अमेरिका विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग और एफबीआई ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में अमेरिकियों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। अमेरिकी एजेंसियों ने संयुक्त खुफिया बुलेटिन में कहा, अमेरिका और अन्य देशों में हिंसा का खतरा बना हुआ है, क्योंकि फिल्म लगातार लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। विभाग ने यह भी स्वीकार किया कि ताजा विवाद ने आतंकी संगठनों को एक मौका दे दिया है। इसमें शक नहीं कि वे मौके का लाभ उठाने की पूरी कोशिश करेंगे और भर्ती अभियान भी तेज करेंगे। यह फिल्म का ट्रेलर जुलाई में यू-ट्यूब पर पोस्ट की गई थी, लेकिन चार सितंबर को अरबी भाषा में इसे जारी किया गया और फिर हिंसा भड़क गई। सबसे पहले मिस्त्र के टेलीविजन ने उस विवादित वीडियो के अंश प्रसारित किए थे और इसी देश में सबसे पहले अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों की शुरुआत हुई। हमले में मारे गए लोगों में दो पूर्व नेवी सील कमांडो भी थे लीबिया के दूसरे सबसे बड़े शहर बेनगाजी में अमेरिकी राजदूत जे क्रिस्टोफर स्टीवंस समेत मारे गए चार अमेरिकियों में दो पूर्व नेवी सील कमांडो भी थे। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने मंगलवार रात हुए हमले में मरने वाले पूर्व कमांडोज के नाम टायरन वुड और ग्लेन डोहर्टी बताए हैं। विदेश मंत्रालय ने हमले में मरने वाले चौथे अमेरिकी का नाम सीन स्मिथ बताया है। वह दूतावास में सूचना प्रबंधक पद पर कार्यरत थे। खून-खराबे के मकसद से बनाई गई फिल्म : मून संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस्लाम विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स की कड़ी निंदा करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। बान के प्रवक्ता ने गुरुवार देर शाम कहा कि महासचिव बान की मून अरब देशों में हुई हिंसक घटनाओं से बहुत व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि फिल्म को खून-खराबे के मकसद से ही बनाया गया, लेकिन इस प्रकार की हत्याओं और हमलों को भी जायज नहीं ठहराया जा सकता। मिस्र में मिलियन मार्च निकालने का आह्वान काइरो : इस्लाम विरोधी फिल्म के खिलाफ मिस्र में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। यहां के कई इस्लामी संगठनों ने शांतिपूर्ण मिलियन मार्च निकालने का आह्वान किया है। सत्तारूढ़ पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड ने भी मार्च निकालने की अपील की है। देश के राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी पहले ही फिल्म की कड़ी निंदा कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने चाहिए। मुर्सी ने अपील की है कि प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास से दूर रहकर विरोध दर्ज कराएं। सूडान में जर्मन और ब्रिटिश दूतावासों पर हमले खार्तूम : इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स के खिलाफ प्रदर्शनों की आग अरब देशों से सूडान तक पहुंच गई है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने सूडान की राजधानी खार्तूम स्थित जर्मन और ब्रिटिश दूतावासों पर हमले किए। गुस्साई भीड़ ने पहले जर्मनी का झंडा फाड़ा और उसकी जगह इस्लामिक बैनर लगा दिया। दूसरी ओर मिस्त्र की राजधानी काइरो में अमेरिकी दूतावास के बाहर चौथे दिन भी हिंसक प्रदर्शन हुए। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बीबीसी से इस बात पुष्टि की है कि खार्तूम में दूतावास के बाहर प्रदर्शन चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मौके पर सूडानी सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। हालांकि प्रवक्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रदर्शनकारी दूतावास में घुसे हैं या नहीं? अमेरिका में धमाके की धमकी के बाद यूनिवर्सिटी खाली ऑस्टिन : अमेरिका की टेक्सास और नॉर्थ डेकोटा यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को बम धमाके की चेतावनी के बाद पूरा कैंपस खाली कराना पड़ा। टेक्सास यूनिवर्सिटी के अधिकारी ने बताया कि बम की धमकी स्थानीय समयानुसार सुबह 8.35 बजे मिली। जिस व्यक्ति ने धमकी दी थी उसके बोलने के तरीके से वह पश्चिम एशिया का लग रहा था। उसने खुद को अलकायदा से जुड़ा बताया और 90 मिनट बाद बम धमाके की चेतावनी दी। यूनिवर्सिटी की प्रवक्ता ने बताया कि परिसर की सभी इमारतों को एहतियातन 9.50 बजे तक खाली करा लिया गया। उन्होंने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई बम नहीं मिला है। टेक्सास यूनिवर्सिटी से अलर्ट जारी होने के थोड़ी देर बाद ही नॉर्थ डेकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह बम धमाके की चेतावनी दी गई। यूनिवर्सिटी के अधिकारी ने कहा कि सभी कर्मचारियों और छात्रों को 10.15 बजे तक यूनिवर्सिटी की इमारतों से निकल जाने के लिए कहा गया। वहां पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
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