ठ्ठ जागरण संवाददाता, गाजियाबाद धार्मिक ग्रंथ के कथित अपमान को लेकर भड़की भीड़ ने शुक्रवार को गाजियाबाद पुलिस-प्रशासन के सामने एक बड़ी आफत खड़ी कर दी। आफत की शुरुआत इस सूचना से हुई कि अध्यात्मिक नगर रेलवे स्टेशन के पास किसी ने चलती ट्रेन से धार्मिक पुस्तक के पन्नों पर अपशब्द लिख कर फेंक दिए हैं। इससे खफा लोगों ने पहले राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर जाम लगाया, फिर गाडि़यों में तोड़फोड़ व आगजनी शुरू कर दी। पुलिस के हौसले पस्त देख उग्र भीड़ मसूरी थाने में भी घुस गई और तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस-प्रशासन के अफसरों से मारपीट भी की। इस दौरान दोनों तरफ से दर्जनों राउंड फायरिंग हुई, जिसमें अधिकारियों-कर्मचारियों समेत दर्जनों लोगों के घायल होने की सूचना है। हालात काबू करने को इलाके में कफ्र्यू लगा दिया गया है। बताते हैं कि भीड़ इस बात से और भड़की कि धार्मिक ग्रंथ के फेंके गए पन्नों पर एक मोबाइल नंबर भी लिखा था और जब उस नंबर को मिलाया गया तो उधर से गालियां दी गईं। लोगों ने थाने में मोबाइल नंबर देकर शरारत करने वाले की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने लोगों को सर्विलांस के जरिये मोबाइल इस्तेमाल करने वाले को पकड़ने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग तत्काल कार्रवाई पर अड़ गए और उपद्रव करने लगे। मामला बिगड़ता देख पीएसी समेत जिले के सभी थानों व नोएडा से भी फोर्स मंगाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने मसूरी थानाध्यक्ष के कार्यालय में तोड़फोड़ करने के बाद पुलिस की जिप्सी, एक बस, ट्रक और थाने में खड़े दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा पचास से ज्यादा गाडि़यों में तोड़फोड़ की। (पेज-2 भी देखें)
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