पेरिस, रायटर
: इस्लाम
विरोधी फिल्म को लेकर दुनियाभर में जारी अमेरिकी विरोध प्रदर्शन के बीच
बुधवार को एक फ्रांसीसी पत्रिका ने पैगंबर मुहम्मद का कार्टून प्रकाशित
कर दिया। इससे मुस्लिम समुदाय का गुस्सा और भड़कने की आशंका है। हिंसा
की आशंका को देखते हुए फ्रांस की सरकार ने शुक्रवार को बीस देशों में अपने
दूतावास, वाणिज्य
दूतावास, सांस्कृतिक
केंद्र और स्कूलों को एहतियातन अस्थायी तौर पर बंद
करने का फैसला किया है। सरकार को आशंका है कि जुमे की नमाज
के बाद विरोध प्रदर्शन हो सकता है। सरकार ने उक्त पत्रिका के दफ्तर पर भी
सुरक्षा बढ़ा दी है। मुहम्मद साहब का कार्टून फ्रांस की
हास्य-व्यंग्य आधारित साप्ताहिक पत्रिका चार्ली हेबदो में
प्रकाशित हुआ है। इसमें पत्रिका के मुख्य पृष्ठ के साथ-साथ
भीतर के पन्नों में भी कार्टून प्रकाशित किए गए हंै। ज्ञात हो कि इस्लामी
मान्यताओं में मुहम्मद साहब का किसी भी रूप में चित्रण निषेध है। फ्रांस
के विदेश मंत्री लारेट फेबियस ने पत्रिका की आलोचना करते हुए इसे जबरन
उकसाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा, हम सभी को जिम्मेदारी
से काम करने
की जरूरत है। मिस्र के मुस्लिम ब्रदहहुड के फ्रीडम एंड जस्टिस पार्टी के
इसाम इरायन ने कहा है, पैगंबर
मुहम्मद का अपमान करने वाले फ्रेंच कार्टून की हम निंदा
करते हैं। पिछले हफ्ते इंटरनेट पर इस्लाम विरोधी फिल्म इनोसेंस
ऑफ मुस्लिम्स का वीडियो ऑनलाइन जारी होने के बाद लीबिया में अमेरिका
के राजदूत जे क्रिस्टोफर समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसके
बाद कई मुस्लिम देशों में अमेरिकी दूतावासों पर हमले किए गए। फिल्म के विरोध
में मंगलवार को अफगानिस्तान में एक आत्मघाती महिला हमलावर ने विस्फोटकों
से भरी कार को एक मिनी बस से टकरा दिया, जिसमें 12 लोगों
की मौत हो
गई। इनमें ज्यादातर विदेशी थे। इसाम ने कहा, फ्रांस
की न्यायपालिका को इस मुद्दे के साथ उसी तरह सख्ती से निपटना
चाहिए जैसे वह ब्रिटेन राजगद्दी के उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम की पत्नी
केट मिडिलटन की टॉपलेस फोटो छापने पर एक पत्रिका के साथ पेश आई थी। अगर
डचेज ऑफ कैंब्रिज केट का मामला निजता से जुड़ा था तो ये कार्टून सभी मुसलमानों
का अपमान हैं। सभी को दूसरे धर्मो का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने
इसके खिलाफ किसी हिंसक प्रर्दशन का विरोध किया, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन
करने पर सहमति जताई। विवादित है पत्रिका का इतिहास चार्ली
हेबदो को उकसाने वाली पत्रिका के तौर पर जाना जाता है। पैगंबर मुहम्मद
का व्यंग्यात्मक कार्टून प्रकाशित करने के लिए पिछले साल नवंबर में पेरिस
में इसके आफिस पर बमबारी की गई थी। यह कार्टून बनाने वाला चारबोनिया उसके
बाद से पुलिस की सुरक्षा में है। इससे पहले 2005 में डेनमार्क के एक अखबार
में पैगंबर मुहम्मद का कार्टून प्रकाशित होने के बाद मुस्लिम देशों में
हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसमें
50 लोगों
की मौत हो गई थी।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -7,20-9-2012 bLykfed nqfu;k)
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