Friday, September 14, 2012

अमेरिका विरोधी आग और भड़की


यमन में अमेरिकी दूतावास पर भीड़ का हमला, एक मरा मिस्र में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, 70 घायल मोरक्को, सूडान, टय़ूनीशिया, ईरान और इराक में भी प्रदर्शन
सना/काहिरा (एजेंसियां)। इस्लाम का कथित रूप से उपहास उड़ाने वाली फिल्म के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रही है। यमन की राजधानी सना में प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास में दाखिल हो गए। उग्र भीड़ पर यमनी पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। यह गोलीबारी उस वक्त की गई जब प्रदर्शनकारियों ने दूसरी बार परिसर पर हमला किया। इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों ने परिसर पर धावा बोला था लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें खदेड़ दिया था। उधर, मिस्र की राजधानी काहिरा में पुलिस का अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर रही उग्र भीड़ के साथ संघर्ष हुआ जिसमें करीब 70 लोग घायल हुए हैं। दूतावास के बाहर बुधवार पूरी रात पुलिस की उग्र भीड़ के साथ झड़प होती रही। हजारों प्रदर्शनकारी दूतावास की दीवार पर चढ़ गए थे और उन्होंने अमेरिकी ध्वज को फाड़ दिया और उसकी जगह काला इस्लामी ध्वज फहराया। पुलिस ने हंगामा कर रहे प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। दोनों तरफ से पथराव किए गए। सरकारी मीडिया के मुताबिक, संघर्ष में 70 लोग घायल हुए हैं और 23 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी ने फिल्म की कड़ी आलोचना की लेकिन हिंसा के प्रयोग के खिलाफ चेतावनी दी।मोरक्को, सूडान, टय़ूनीशिया में भी व्यापक विरोध हुआ है। कई देशों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होने की भी खबर है। टय़ूनीशिया में भी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास में दाखिल होने की कोशिश की है। ईरान, बांग्लादेश में ढाका और इराक के बसरा में भी प्रदर्शन होने की खबरें हैं। यमनी राष्ट्रपति अब्दराबुह मंसूरी हादी ने अपने अमेरिकी समकक्ष बराक ओबामा और अमेरिकी जनता से उग्र भीड़ के कृत्य के लिए माफी मांगी और घटना की जांच का आदेश दिया। हादी ने कहा, ‘हमले के पीछे जो लोग हैं वे ऐसी भीड़ हैं जो शियोनवादी शक्तियों की दूरगामी साजिश से वाकिफ नहीं हैं, खासतौर पर वे लोग जिन्होंने पैगंबर का अपमान करने वाली फिल्म बनाई।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना सुरक्षा गार्ड वाले सुरक्षा द्वार के जरिए परिसर में घुसने के बाद उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों को तीन वाहनों को जलाते देखा। पहले हमले के बाद परिसर से प्रदर्शनकारियों को खाली कराए जाने के बाद प्रदर्शनकारी द्वार से करीब 100 मीटर पीछे हट गए और वे एक चौकी के निकट जमा हो गए जहां उन्होंने यहूदियों के खिलाफ नारेबाजी की।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उसके बाद उन्होंने परिसर में दूसरी बार पहुंचने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस को उग्र भीड़ पर गोलीबारी करनी पड़ी। सना में हिंसक प्रदर्शन लीबिया में उग्र भीड़ के बेनगाजी स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला करके अमेरिकी राजदूत समेत चार अमेरिकियों की हत्या के दो दिन बाद हुआ है। फिल्म पर विवाद

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