अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स के खिलाफ गुरुवार को पूरे अरब जगत में हिंसक प्रदर्शन हुए। यमन और मिस्र में गुस्साई भीड़ ने अमेरिकी दूतावासों पर हमले किए और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। ईरान, लीबिया और ट्यूनीशिया समेत कई अन्य देशों में भी हजारों लोगों ने गुस्से का इजहार किया। मंगलवार रात लीबिया में गुस्साई भीड़ ने अमेरिकी राजदूत जे क्रिस्टोफर स्टीवंस समेत चार अमेरिकियों की हत्या कर दी थी। दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने लीबिया में नया मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं। अमेरिका ने गुरुवार को लीबिया में दो युद्धपोत और 50 से अधिक सैनिक भेजे। खबर यह भी है कि अमेरिका लीबिया में कट्टरपंथी गुटों और पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी समर्थकों पर कार्रवाई के लिए विचार कर रहा है। ओबामा प्रशासन का मानना है कि बेनगाजी में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला साजिश के तहत किया गया था। हालांकि, इस मामले की जांच की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लीबिया सरकार से सुरक्षा के मुद्दे पर बात की है। लीबिया के गृह मंत्री ने बताया है कि अमेरिकी राजदूत की हत्या के मामले में जांच तेजी से की जा रही है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये लोग कौन हैं और किस संगठन से जुड़े हैं। विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे ने लीबिया में दूतावास पर हुए हमले के पीछे अमेरिका का हाथ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के ही इशारे पर हमले किए गए थे इसके पीछे उसके कूटनीतिक हित जुड़े हुए हैं। यमन में हिंसक प्रदर्शन, एक मरा यमन की राजधानी सना में गुस्साई भीड़ अमेरिकी दूतावास के भीतर घुस गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व सुरक्षाकर्मियों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास में तोड़फोड़ की और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़पों में 20 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। काइरो में संघर्ष, 30 घायल मिस्त्र की राजधानी काइरो में गुरुवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई, जिनमें 30 लोग घायल हो गए। 4.5 लाख लोगों ने देखा फिल्म का ट्रेलर अल जजीरा के अनुसार, इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स का ट्रेलर सबसे पहले जुलाई 2012 में यू-ट्यूब पर प्रदर्शित किया गया था और अब तक इसे 4.5 लाख लोग देख चुके हैं। इस फिल्म का ट्रेलर चार सितंबर को अरबी भाषा में डब कर यूट्यूब पर डाला गया था और इसी के बाद विवाद शुरू हुआ। बर्लिन में अमेरिकी दूतावास खाली कराया गया बर्लिन : जर्मनी की राजधानी स्थित अमेरिकी दूतावास में गुरुवार को एक संदिग्ध पैकेट आने से हड़कंप मच गया। हुआ यूं कि दूतावास की एक महिला कर्मचारी संदिग्ध पैकेट खोलते ही बीमार हो गई। इसके तुरंत बाद दूतावास की वीजा शाखा को खाली करा लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वीजा शाखा में काम कर रही महिला को एक आगंतुक ने पैकेट सौंपा। महिला इसे खोलते ही बीमार पड़ गई। उसने बताया कि उसे मुंह में धातु का स्वाद महसूस हो रहा है। इस मौके पर पहुंचे अग्निशमन दल के प्रवक्ता ने बताया कि तीन लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। टीवी फुटेज में दिखाया गया है कि जांचकर्ता विशेष सूट में बिल्डिंग के अंदर दाखिल हुए और दूतावास का स्टाफ बाहर मौजूद था। इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स पर भारत में भी प्रतिबंध की तैयारी नई दिल्ली : इस्लाम विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स पर भारत में भी प्रतिबंध लग सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू एवं कश्मीर सरकार को ऐसे सभी वेबपेज ब्लॉक करने का निर्देश दिया है, जिन पर यह फिल्म उपलब्ध हो। इसके अलावा कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम इंडिया (सर्ट-इन) के महानिदेशक से इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि महानिदेशक विवादास्पद फिल्म मामले को देख रहे हैं। इससे संबंधित सभी वेबपेज जल्द बंद कर दिए जाएंगे। इस फिल्म के विरोध में बुधवार को लीबिया और मिस्र में और गुरुवार को यमन की राजधानी सना में विरोध प्रदर्शन हुए थे। सरकार ने अमेरिकी दूतावास समेत चारों वाणिज्य दूतावासों की सुरक्षा पहले ही कड़ी कर दी है। लीबिया, मिस्र में विवादित फिल्म पर प्रतिबंध वाशिंगटन : यू-ट्यूब ने लीबिया और मिस्र में विवादित फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स को प्रतिबंधित कर दिया है। बेनगाजी में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में राजदूत की हत्या के एक दिन बाद यू-ट्यूब ने यह कदम उठाया। प्रवक्ता ने कहा यह फिल्म यू-ट्यूब पर उपलब्ध रहेगी पर लीबिया और मिस्र की हालात को देखते हुए इसे दोनों देशों में अस्थायी पाबंदी लगा दी है।
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